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गà¥à¤²à¥‚कोमा की समसà¥à¤¯à¤¾ में करें ये 5 योग, बढ़ेगी आंखों की रोशनी
गà¥à¤²à¥‚कोमा की समसà¥à¤¯à¤¾ में आप योग की मदद से आंखों की रोशनी बढ़ा सकते हैं। इससे आपको जलà¥à¤¦ आराम मिल सकता है।
गà¥à¤²à¥‚कोमा को काला मोतिया à¤à¥€ कहा जाता है। हमारी आंखों के à¤à¥€à¤¤à¤° तरल पदारà¥à¤¥ मौजदू होते हैं। आंखों का यह तरल पदारà¥à¤¥ लगातार आंखों के अंदर बनता रहता है और बाहर निकलता रहता है। आंखों के इस तरल पदारà¥à¤¥ के पैदा होने और बाहर निकलने की इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में जब कà¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त आती है तो आंखों में दबाव बढ़ जाता है। वहीं आंखों के à¤à¥€à¤¤à¤° मौजूद ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नरà¥à¤µ आपके दिमाग को जरूरी संकेत देने का काम करता है। लेकिन, आà¤à¤–ों पर दबाव बढ़ने के कारण ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नरà¥à¤µ डैमेज होने लगते हैं और आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाà¤, तो इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की आंखों की रोशनी à¤à¥€ जा सकती है। हालांकि हम आपको बता दें कि ओपेन à¤à¤‚गल गà¥à¤²à¥‚कोमा की समसà¥à¤¯à¤¾ में आपको कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं। इसमें न तो दरà¥à¤¦ महसूस होता है और न ही आंखों की रोशनी कम होती है। गà¥à¤²à¥‚कोमा के कारण आपके चशà¥à¤®à¥‡ का नंबर बार-बार बदल सकता है। काम करने के दौरान आपको सिरदरà¥à¤¦ और आंख में दरà¥à¤¦ की दिकà¥à¤•त हो सकती है। गà¥à¤²à¥‚कोमा के लकà¥à¤·à¤£ में आप योग कर सकते हैं, ये योगासन सीधे तौर पर आपके गà¥à¤²à¥‚कोमा की समसà¥à¤¯à¤¾ तो नहीं ठीक कर सकते, लेकिन इससे आंखों को काफी लाठमिलता है। गà¥à¤²à¥‚कोमा का सही इलाज कराने के साथ अगर आप इन योगासनों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं तो आपके लकà¥à¤·à¤£ बढ़ते नहीं हैं और रिकवरी में à¤à¥€ आसानी होती है। इन योगासनों के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से आपके आंखों की रोशनी और मांसपेशियों की थकान कम हो सकती है।
गà¥à¤²à¥‚कोमा की समसà¥à¤¯à¤¾ में करें ये योग
1. नौकासन
नौकासन की मदद से आपकी आंखों की रोशनी ठीक हो सकती है। साथ ही इससे गरà¥à¤¦à¤¨ और कंधे में दरà¥à¤¦ की दिकà¥à¤•त à¤à¥€ ठीक हो सकती है। इससे आंखों की मांसपेशियों में à¤à¥€ आराम मिल सकता है। इसके अलावा इससे पेट की चरà¥à¤¬à¥€ कम करने में à¤à¥€ सहायता मिलती है। यह रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठà¤à¥€ काफी कारगर साबित हो सकता है।
अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ का तरीका
1. इसे करने के लिठआप पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
2. फिर अपने ऊपरी शरीर को फरà¥à¤¶ से 45° ऊपर उठाà¤à¤‚।
3. अपने पैर को फरà¥à¤¶ से कà¥à¤› दूरी पर उठाà¤à¤‚ और अपनी आंखों को पैर की उंगलियों पर टिकाकर रखें।
4. अपने टेलबोन की मदद से संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखें और पीठको सीधा रखें।
5. अपने पेट की मांसपेशियों को योग के दौरान टाइट रखें।
2. सà¥à¤–ासन
सà¥à¤–ासन की मदद से आपके शरीर का बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ तेज होता है। इससे आंखों में रकà¥à¤¤ और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अचà¥à¤›à¥‡ से होता है। इस आसन की मदद से आंखों पर पड़ने वाला तनाव कम होता है और सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ नहीं होती है। सà¥à¤–ासन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ती है और आप अंदर से आनंद का अनà¥à¤à¤µ करते हैं।
सà¥à¤–ासन करने का तरीका
1. सीधी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बैठें और दंडासन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाà¤à¤‚।
2. बाà¤à¤‚ पैर को मोड़कर दाहिनी जांघ के अंदर रखें।
3. दाहिने पैर को मोड़ें और बायीं जांघ के अंदर टिकाà¤à¤‚।
4. हथेलियों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रखें और रीढ़ को सीधा रखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
3. वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨
वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पाचन तंतà¥à¤° में काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है। साथ ही कबà¥à¤œ की दिकà¥à¤•त à¤à¥€ ठीक हो सकती है। वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ नसों को काफी आराम मिलता है। पीठको मजबूत बनाने के लिठà¤à¥€ इस योगासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ काफी लाà¤à¤•ारी होता है।
वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ करने का तरीका
1. इसके लिठआप योग मैट पर बैठजाà¤à¤‚ और धीरे से अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को नीचे करें।
2. फिर अपनी à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• दूसरे के पास रखें।
3. वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ के दौरान पैर की उंगलियों को à¤à¤• दूसरे के ऊपर न रखें। इसके बजाय, दाà¤à¤‚ और बाà¤à¤‚ पैर का अंगूठा à¤à¤• दूसरे के बगल में होना चाहिà¤à¥¤
4. अपनी हथेलियों को अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर ऊपर की ओर रखें।
5. अपनी पीठको सीधा करें और आगे की ओर देखें।
4. अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम
अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम आपकी हृदय संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कम करने में मदद करता है। साथ ही सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और सांस संबंधी दिकà¥à¤•तों में à¤à¥€ आराम मिलता है। इससे आंखों पर पड़ने वाला तनाव कम होता है और सिरदरà¥à¤¦ की परेशानी à¤à¥€ नहीं रहती है। इससे मूड फà¥à¤°à¥‡à¤¶ रहता है और पूरे शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ होता है।
अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करने का तरीका
1. इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को करने के लिठआप सà¥à¤–ासन, अरà¥à¤§ पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ या वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठजाà¤à¤‚।
2. अपनी पीठको सीधा रखें और कंधों को आराम दें।
3. अपनी आà¤à¤–ें बंद करें और अपनी सांस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
4. अपनी हथेलियों को अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर ऊपर की ओर रखें।
5. अपने दाहिने नाक को अपने अंगूठे से धीरे से बंद करें।
6. अपने बाà¤à¤‚ नाक से सांस लें और इसे बंद करें।
7. दाà¤à¤‚ नासिका छिदà¥à¤° से सांस को बाहर निकालें।
5. उदà¥à¤—ीथ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
उदà¥à¤—ीथ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® आंखों की जलन और दरà¥à¤¦ में आराम मिल सकता है। साथ ही आंखों की अंदरूनी नसों को ये शांत करता है। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से मन और दिमाग शांत रहता है। इससे मानसिक तनाव à¤à¥€ दूर रहता है।
उदà¥à¤—ीथ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने का तरीका
1. सबसे पहले आप आरामदायक मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठजाà¤à¤‚।
2. फिर अपनी पीठको सीधा करें और आंखे बंद कर लें।
3. अपनी हथेलियों को अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर ऊपर की ओर रखें और पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठजाà¤à¤‚।
4. गहरी सांस लें और ओम का जाप करें।
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